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कविता ,नम्बर 10 मैं अरज करता है। कि एक शकश के बारे में उस के अमाल बहुत हि हुए थे र किसी ने अतलहा से सवाल किया की ऐ अल्लहा यहाँ कैसे-कैस� read more >>
उम्मिद का जो सूरज है इसे कभी दुबने ना देना छोटा सा तिनका ही आपको अपनी मंज़िल तक पंहुचता है सबर राखो read more >>
जो मिला नहीं उसका ग़म कैसा मिले बिना कर्म के वो फल कैसा बड़ा लम्बा सफर है दोस्त “ज़िंदगी”, चलते जाओ चलते जाओ..... थकान न हुई तो सफर कैसा read more >>
किसी के दिल का राज बन गए। किसी का कल तो किसी का आज बन गए । किसी का बक्त तो किसी का राज बन गए । किसी की ख्वाइश तो किसी की आश बन गए । किसी का � read more >>
इस दिल में अरमान बहुत थे ,जबानी में हमारे भी नाम बहुत थे । जब टूटे तो विखर गये ,कुछ सुधरे तो कुछ विगड़ गए । कुछ निखरे तो कुछ राज बन गए ,कुछ ब� read more >>
हमारी उनसे मुलाकात कुछ खास नही थी । बस देखा था उन्हें कोई बात नही थी । एक दिन उन्हें देखा तो कुछ अपने से लगे बो । हम भी उनके ख्बावो में ख� read more >>
कविता -लोग सोचते हैं। मगरूर हो रहा हूं बेशऊर हो रहा हूं जैसे जैसे मैं मशहूर हो रहा हूं, लोग सोचते हैं। वक्त ने सिखा दी परख इं� read more >>
अद्भुत सब प्रकृति सुंदर, दीदार करता दिल। चहकता-महकता-चमन, गुलशने बहार तुम।। मोती- read more >>
उसका आना और जाना मेरे लिए कौतूहक था, दिव्य सुन्दरी जिसे देखते ही खुशी होता था। बहुत ही रहस्यमय लग रही थी वो, पूरी शरीर में एक मादकता भर read more >>
कविता -क्षमादान क्षमा दान यदि कर पाओ तो करके बन जाओ भगवान क्षमा हृदय की शांत अवस्था ईश्वरीय हो जाता इंसान, जो देता है दान किसी को लौ� read more >>
कविता = ( कश्मीरी फाइल्स ) जर्रा - जर्रा जर्जर हुआ ! जर्रा - जर्रा छलनी !! जर्रा - जर्रा सुलग रहा ! जर्रा - जर्रा ज़ख़्मी !! शाख़ - शाख़ से पात झ� read more >>
कविता = ( फेसबुक ) लिखने का शौक़ था ! मुफ़लिसी का दौर था !! पेट से मजबूर था ! तालीम से दूर था !! जवानी का खून था ! दिल में जुनून था !! शौक़ भी रं� read more >>
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