# कभी कांटा , कभी गुलाब ......
रह गई ,
जिंदगी अब तो
कभी कांटा ,
कभी गुलाब ....!
उलझी हुई ,
इस कहानी के
के पात्र हैं ,
मैं और आप ....!
रह गए ,
दिल में
क� read more >>
( मेरी लाडो बिटिया को समर्पित मेरी यह रचना )
कविता = ( मेरी लाडो )
मेरे घर की तू है रौनक !
मेरे घर की तू है दौलत !
तुझसे मेरी सारी खुशियाँ !
मे read more >>
हजार कोशिश बिखर गई हो अगर आपकी तो फिर एक कोशिश करना अपने रिश्तो के खातिर ,क्या पता किस्मत की हिम्मत ना हो फिर से कोशिश को बिखेर जाने की। K read more >>