अपनी-अपनी नाप लो, अपनी-अपनी लो तोल।
खेल है औक़ात का, औक़ात का है मोल।
आज जो जहां खड़ा, पड़ा, मिली जीत या मात है।
फूलों का हार पड़ा गले, चाह� read more >>
हर खुशी हर गम में अगर कोई साथ दिया हो तो वह आप हो, मेरे भैया आप पापा का सर का ताज हो...
सभी भाइयों का खुशियां का आप ही राज हो
आप ही तो घर का बच read more >>
कास पेड़ भी चलते होते,
कितने मजे हमारे साथ होते,
बांध डाली में उसके रस्सी झूला भी झुल लेते, जहाँ कहीं हां मन कहता वहां उसे ले जाते।
जब जब � read more >>