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भजन---मुरली मनोहर मुरली वाले
हे ईश नीली छतरी वाले हे मुरली मनोहर मुरली वाले। कभी तुझ संग खेली होली वृंदावन में की ठिठोली। चुराय माखन गोकुल से मटकी
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सपना रामराज्य का
सपना रामराज्य का बापू का रामराज्य का सपना सच हो रहा है। गरीब से छीनकर रोटी अमीर को दी जा रही ह�
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संसद
संसद। अध्यापक ने कक्ष| में घुसते ही पूछा, डू यू नो व्हाट इज पार्लियामेंट। आज सुब
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हमारा गांव
हमारा गांव वह कच्ची सड़क जो मेरे गांव को जोड़ती है शहर से अब सुनसान निर्जन सी पड़ी है।
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मन के जीते जीत है
मन के जीते जीत। लाख कोशिश असफल मगर ध्यान रखना है। जीत निश्चय ही होगी तेरी इसमें संदेह नहीं करना है । खुद पर �
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कुछ खास बता
कुछ नए जख्मों की जिक्र कर कुछ पुराने जख्मों की बात कर कुछ अपने दिल के जज्बात बयां कर कुछ पुरानी बातें कर कुछ नई कहानियां सुना कुछ �
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हिमालय महिमा
हिमालय महिमा गवाक्ष खोल विराट हिमालय के कर दर्शन हिमाच्छादित उत्तुंग चोटी छूने को है गगन। बाल उषा नन्ही अरूण
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नील गगन से उतर आयी एक परी
प्रकृति वर्णन (ऊषा ) नील गगन से उतर आयी एक परी। रत्न जड़ित अलंकृत परिधान हरी। नील नयन लोचन दृग अभिरामा। शश्य श्यामल हरित पल्
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शूरवीर
खेला कल जिस माटी पर लहू से अपने उसे रोशन करने आया है। आंखो का बन मोती चमकने आया है। 'शूरवीर' है! वीरों के भांति आया है। वतन पर मर-मिटने �
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ऐ मानव तुमसे विनती है
ऐ मानव तुमसे विनती है मेरा मत संहार करो । इस मोक्षदायिनी मां पर बस ! इतना उपकार करो । मेरी कलकल -छलछल धारा तुमको संगीत सुनाती है । पी
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मन की मार
कविता-मन की मार बन अभिशाप जगत में बेटी मैं छिप कर क्यों जीवन जीती किसे सुनाऊं कौन सुनेगा किससे दिल की बात कहूं मैं?
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कभी वक्त था
कभी वक्त था तो वक्त ना था ,डरते थे कहने से । मुस्किल में होते वो , तब डरते थे उनकी मुस्किल सहने से ।। वो रोज अदब से सुबह सर नवाते थे , क्या
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