# हे राम ... ...
शाम से हुई सुबह
सुबह से हो गई शाम ...!
हर जुबां पर जनता की
बस बात यही है मान ...!
राज्य सरकार बिजली के ,
केंद्र बढ़ाएं पेट्रोल के read more >>
तम्नाये सिमट जाती है, तुझ तक आ कर
कुछ कम या कुछ अधिक ,ना चाहीये अब दिलबर
इतनी वफा भरी मोहब्बत, मिलते कहा है
जो चाहे दूरी मे भी, रुह से भी द� read more >>
शक्ति दे हमको हे शारदा माँ ,
मन में दे विश्वास हे ज्योति माँ ,
रस्ते पे चले हम धर्म के ,
करे न कोई भूल हे जग माँ ..........
मिटा लोभ लालच की अग्न read more >>
टूटना क्या होता है,
ये उससे पूछो,
जो घर की चार दीवारो तक ही सिमट जाती है।
उड़ान उसे भी भरनी थी,
लेकिन वो परिवार, बच्चे, घर,
इनमें ही उलझ कर read more >>
# स्त्रियां ...
एक स्त्री ,
दूसरी स्त्री से ,
करती है बातें घंटों
घर में बने सब्जियों की
कुछ इस तरह ,
आज क्या बनाई है
या फिर ,
आज क्या बनाएं read more >>