[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
सावन की घटा
सावन की घटा हूं मैं घट-घट भर दूंगी। सागर के अधरों को छूकर चहुंओर निर्भय बरसूगीं।। संजोये हूँ आस,सखी मिलन की शिराओं की पीर टटोलूगीं।
read more >>
बेटियाँ किस रूप मैं मिलती है
बेटियाँ किस रूप मैं मिलती है | बेटियाँ कभी माँ के रूप मैं मिलती है, बेटियाँ कभी बहन के रूप मैं मिलती है| बेटियाँ कभी बहू के रूप मैं मिल�
read more >>
कोन हे वो चिड़िया
कोन हे वो चिड़िया जिसके हे ये रोते बच्चे/ क्या झाकने की इच्छा हे नीड़ो से क्या चलती हे हवा इन पेड़ों से, क्या, होगा मन उड़ने को शाम सव�
read more >>
मन चाहता है
मन चाहता है | चाँद पर बेठकर देखूँ आसमान में बिखरे तारो को अपने हातों से समेट कर देखूँ , मन चाहता है | बहते आशुओं से आसमान के बादलो को भ
read more >>
न मैं रोता
न तू होती न मैं होता न कभी मिलते न मुलाकात होती न दिल मिलता न प्यार होता न इश्क में हम बेकार होते न मैं रोता न तू हस्ती न जख्म देती
read more >>
आव्हान
आह्वान वक्त का ऐसा हुआ असर अमराई भी बौराई नहीं। तन मन से सींची थी बगिया कली मुसकाई नहीं।
read more >>
बेटी पर कविता-मन की मार
कविता-मन की मार बन अभिशाप जगत में बेटी मैं छिप कर क्यों जीवन जीती किसे सुनाऊं कौन सुनेगा किससे दिल की बात कहूं मैं?
read more >>
असहाय मुझे - अपने आप को खो दिया
असहाय मुझे अपने आप को खो दिया दैनिक आंखों के सामने खो गया परिचित दुनिया मुंह चावल मुंह की आवाज खींची जाती है जो तय नहीं करता है उस
read more >>
नर पर भारी नारी
*नर पर भारी नारी* अक्ल बाटने लगे विधाता, लंबी लगी कतारी। सभी आदमी खड़े हुए थे, कहीं नहीं थी नारी।। सभी नारियाँ कहाँ रह गई,
read more >>
सपने
अचेतन मन की बातों का संग्रह ही सपने होते हैं। चेतन मन की भावनाओं का परिवर्तन सपने होते हैं ।। सपने तो सपने होते हैं सपने भी सच्चे ह
read more >>
तू जो होती तो
तू जो होती तो क्या बात होती न रात न दिन बस साथ होती न बात होती न ही मुलाकात कुछ खास होती तू जो होती तो क्या बात होती दिल में प्यार �
read more >>
नई जनरेशन
* नई जनरेशन * रंग ढंग नई जनरेशन के हमको समझ न आए । सदी बीस को छोड़ के ये इक्कीसवीं सदी में आए ।। देर रात तक जगने की आदत इनके मन भाए । नौ �
read more >>
« Previous
Next »
Showing
5761
to
5772
of
7046
results
‹
1
2
...
478
479
480
481
482
483
484
...
587
588
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder