सूखी हुई टहनी पर किसने...
ये सतरंगी फुल लगाया है!
जिसने भी इसको लगाया,
उसने बड़ा पुण्य कमाया है!!
जब तक सूखी पड़ी थी इस जमीन में,
तब तक इस� read more >>
जो भी है दिल मे तेरे, केह दो न
बात दिलोकी जुवा पर, अब ला लो न
यु घुर- घुरकार हमको, देख सरमाओ न
दिल की बात जुवा पर, अब ला लो न
समय बीत न जाए ,फिर read more >>
हम जीत में तेरे साथ थे,हार मे तेरे साथ है
तन्हां ठगा आज खड़ा हूं,हाथ पर रख कर हाथ है
क्या समझूं मैं किसको अपना,होता न विश्वास है
अब क्या � read more >>
बार बार कलम उठाई सोचा की कैसे लिखू,
लिखना चाहा ज़ब एक माँ हाल
कलम चली पर लफ्ज़ ना मिले
कहा से सुरु करू क्या क्या मै लिखू,
भ्रूण हत्या के ना� read more >>
हर शाम क्यूं छत से देखती हो...
कुछ कहना है तो कह दो ना!
अगर तुम्हें डर लगती है...
तो फिर चिट्ठी ही लिख कर देदो ना!!
जब भी तुम्हें देखा है मैं� read more >>
एक चरवाहा अपनी सभी भेड़ बकरियों को एक दिन जंगल में चराने के लिए ले गया। सभी अच्छी तरह से चर रहे थे। इतने में एक भेड़िये की नजर उन सभी पर पड़ी read more >>