हो कितनी भी गुस्सा वो!
ख़ुद ही मान जाती है!!
छोटी हो तो चंडी !
बड़ी हो तो दुर्गा कहलाती है!!
भाई भाई की रट वो लगाती है!
दिन भर पकात� read more >>
हूँ ज्ञान का सागर मै!
तुझे श्रेष्ठ कैसे मान लूँ!!
हूँ गलत लाख मै फिर भी!
अपनी गलती कैसे मान लूँ!!
हैं तजुर्बे मेरी उम्र जि� read more >>
है शाम का रंग!
है श्याम का रंग!!
दिल का मेरा प्यारा!
मेरा अपना काला रंग!!
नकारता सभी की सत्ता को!
विमुखता को व्यक्त ये करता है!!
प्र read more >>
लबरी तेरे प्यार में
लबरा हो गए हम...
मई कसम ई धुप में बैठे बैठे
चितकबरा हो गए हम.
"तू रुठ जईबू त जियब कईसे,
फाटल करेजबा के सियब कईसे,
तु� read more >>
एहसास ये कुछ जुदा सा है!
एक तरफा ही सही मगर प्यार सा है!!
पाने की तुझे चाह मेरी बस ये ही ख्याल है!
क्या बताऊँ अब तुझे अज़ीब सा मेरा हाल ह read more >>