[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
रंग बदलती
इस रंग बदलती दुनिया को कई रंग बदलते देखा है कही तस्वीर तो तस्वीरों में ढलते देखा है कभी मंदिर तो कभी मस्जिद तो कभी टुटते तारो के आ�
read more >>
अभिलाषा
अभिलाषा थी एक दिन तुझे पा सकू पर एशा हो न सका कुछ लम्होने भी संजोये थे यादें कुछ इकठा हमने भी किए थे सासें समय के तराजू प्यार के मोल थ
read more >>
आंख न लग पाए
प्रियतम के विरह में, आंख न लग पाए जब मेरे नयनजल शेय्या पर टपकत जाए है अपने हृदय बूझना न पाऊं प्रियतम के विरह में आंख न लग पाए सांझ सबेर�
read more >>
दो लफ्ज़
तेरे लिए जब भी बोलूं, मेरे लफ्ज़ कम पड़ जाते हैं बस इतना बोलूं तुझमें में देंखु, तुम मुझमें देखो। करू खुदा से इक मिन्नत जब भी आए तेरे दर
read more >>
//... पैगाम-ए-दिवाली...//
//... पैगाम-ए-दिवाली...// मत हो परेशान तू , जिंदगी एक काम है...! मुश्किलों से लड़ना सीख , जिंदगी एक मुकाम है...! किस घड़ी यह कैसी होगी , इससे सब अ�
read more >>
घर ही पे
बहुत अच्छे वक्त गुजारे है ज़िन्दगी के ज़रा रुक जाई ठहर जाई ऐ घर ही पे ये भी दुख के बादल छट जायेंगे सभी के फिर निकलेंगे धुम से शहर घुमन
read more >>
टनकार
काल है डरा रहा मौत के टनकार से चल सको तो चलो अंधकार मे है जग सारा चल सको तो चलो आशमा वरसा रहा अंगार के बौछार है चल सको तो चलो काल है ड
read more >>
माँ
माँ ईश्वर के सूरत सायद माँ से मिलती है तभी तो बो भी आता है बार बार बारमबार धरती पे माँ को ढूढते ढूढते कभी देवकी पुत्रा कृष्ण तो कभी �
read more >>
हाले दिल
तस्विर से मन अब भरता नही तु मेरा हाले दिल क्यो समझता नही मैं अक्सर रातों मे सोते से जगा जाता हूँ तु क्यो इश्क बन के ज़िगर पे छाई है
read more >>
तरंग
तुम उस लहर के जैसी हो मैं आज भी किनारे पे बैठा हू तुम लहर के साथ तरंग बन निकल गये मैं आज भी किनारे पे ही इंतजार मे हूँ इस उम्मीद मे की
read more >>
प्रेम लीला
प्रेम ने प्रेम को प्रेम से मार दिया प्रेम ने प्रेम का प्रेम के सीला दिया प्रेम प्रेम प्रेम ने ही प्रेम का प्राण लिया प्रेम ने धोखा �
read more >>
ये प्रेम रूपी
ये प्रेम रूपी स्वरूपा मेरी प्रेमिका ये कामनी रूपी मेरी प्रेम सखा ये बिस्वमोहनी रूपी मेरी मनमित ये रम्भा ऊर्वशी रूपी मेरी प्रित�
read more >>
« Previous
Next »
Showing
6373
to
6384
of
6966
results
‹
1
2
...
529
530
531
532
533
534
535
...
580
581
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder