त्याग ,तपस्या,तपोभूमि का वासी पूछ रहा हूं मैं ,
हर-हर चुमी थी जिसने फांसी उसी देश का वासी पूछ रहा हूं मैं ,
डम डम वाले डमरू से कैलाशी पूछ र read more >>
//...तस्वीर…//
एक आईना ,
जो जैसा दिखता
वैसा ही ,
तस्वीर बनाता सबकी…!
मगर ,
जब टूट जाता है
तब ,
नहीं बना पाता
खुद अपनी….!
चिन्ता नेताम &rd read more >>
विकाश के नाम पर विनाश की ओर
बढ़ रहा मनुष्य है |
प्रकृति के नियमों को अनदेखा कर,
बढ़ रहा मनुष्य है |
विनाश को विकाश समझकर,
बढ़ रहा मनुष्य है |
� read more >>
समय होता है बलवान,
समय के आगे बेवस है इंसान ,
समय निरंतर चलता जाता है |
बिता हुआ सुनहरा पल इंसान को याद आता है ,
बीते हुए सुनहरे पल को इंसा� read more >>
अंदरूनी आवाज को अपनी ताकत बना दे, सिर्फ शब्दों से नहीं इस ताकत से कुछ करके दिखा दे, जमाना तो सिर्फ ठोकर ही देता है, पर तू उस ठोकर से खुद का read more >>
जिनके पास नही होते है
उनसे पूछो क्या होते है पापा
इस korona में जाने कितने बच्चो से
दूर हुए है उनके पापा
रुठ जाने पर मनाना आसान था,
रूठ जान� read more >>