माया
माया की इस नगरी में , सब माया से दूर हैं
माया तो उस के पास, जिस के पास में माया हैं
इस दुनिया में सबसे बड़ा ,माया ही तो छाया हैं
जो मा� read more >>
थाली - "(एकता का पात्र , जिम्मेदारियों का वाहक )"
कहते है कि रोटी-कपड़ा-मकान मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है परंतु यह कदाच� read more >>
" मैं पैसा हूँ "
अरे ... मैं पैसा हूँ रुपया बनाता हूँ,
लोगों को उनकी औकात बताता हूँ ,
ज़रा तुम उस पुराने गुल्लक को तो तोड़ो जिसमे मैं अशोक read more >>
//...हाल-ए-दिल...//
समाज की ,
कुछ बंदिशे
इश्क पर ,
छाती गर्दीशे...!
ना तुम मेरी ,
ना मैं तेरा
हम एक-दूसरे
के भी होके...!
तेरे पास से ,
गुजर कर भी ,
� read more >>
मन का सुकून कहीं बाहर नहीं मिलता ,
अपने अंदर खोजो वो मिल जायेगा I
मन का सुकून कहीं बाहर नहीं मिलता ,
कर्म बदलो आपको वो मिल जायेगा I
मन का स� read more >>
//...हाल-ए-दिल...//
समाज की ,
कुछ बंदिशे
इश्क पर ,
छाती गर्दीशे...!
ना तुम मेरी ,
ना मैं तेरा
हम एक-दूसरे
के भी होके...!
तेरे पास से ,
गुजर कर भी ,
� read more >>