उठो चलो अब दाव दो,
ये शंकनाद हो चला,
ये सूर्य भी है बोलता,
ऐसे जीतोगें कैसे भला ???
खिली धूप इस दोपहरी की,
अब सूरज सिर पर आ गया,
उठो चलो दौड� read more >>
तब घर याद आता है
फोन पर बातें जब होती है माँ,
तब मन में सारा दृश्य दिख जाता है
तब घर बहुत याद आता है.....
हॉस्टल में बिखरी पड़ी है ज़ंदगी,
हो read more >>
एक मरा हुआ देखत सोच रा, मै तो आज घर राम के चला।
पर पीछे से ये क्या हो रहा, मेरा परिवार सारा रो रहा।
मेरा घर चौपाल आज बना हुआं, हर कोई भला - � read more >>
🌺जिंदगी 🌺
जीने का सहारा दिखाती है ।जिंदगी
दिलों में प्रेम रस बरसाती है।.....
जीने का ढंग से सिखाते है।.....
चलने का रास्ता दिखाती है।.....
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