शीष केवल एक हो,
पर कार्य उसके नेक हो।
जो सम्भा बन दहाड़ दे,
तन - मन देश पर त्याग दे।
म्यान में तलवार ले,
ललाट पर टीका लाल ले।
अखण्ड एक वि� read more >>
" सच और झूठ " के दिवार में मैं आज फिर से उलझ गयी,
वो दोनों गलत नहीं शायद आज मैं ही गलत बन गयी..
कहते है कि सांप ने कांटा तो सवाल नहीं करते,
आज read more >>