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कहाँ इतनी समझ जो, दोस्ती में गुणवान देखा , बस बुरे का एक ऐहसान देखा, आचरण उड़ गया बीड़ी का धुआँ बनके अमृत की तरह मैंने दोस्ती को समझा क read more >>
इतनी बड़ी दुनिया में, जो कुछ भी दृश्यमान है, मुझे नहीं लगता, माँ से अधिक कोई बलवान है! फटे हुए कमीज पर, जो परिवार की ख्वाहिशे पूरी करें, read more >>
छिप-छिप अश्रु बहाने वालों, मोती व्यर्थ बहाने वालों कुछ सपनों के मर जाने से, जीवन नहीं मरा करता है। सपना क्या है, नयन सेज पर सोया हुआ आँ� read more >>
जो कमीज के बीच फटी बनियान छुपा देता है वो पिता होता है जो अपने आसुओ को आँखो से बाहर नहीं आने देता वो पिता होता है वो अपन read more >>
तुम व्याकुल हो उस काया की कल्पना से जो कालिमा की काली घटा से भी काली है तुम ढूंढ रहे हो , भाग रहे हो उस मनवांछित फल के लिए तुमको लगता है, read more >>
क्या हम भारत मां के लाल नहीं बन सकते क्या हम जन्मे हैं इतिहास वीरों का पढ़ने को, क्या अब धरा नहीं है अंग्रेजों से लड़ने को । क्या अब सू� read more >>
भारत की मिट्टी के सपुत वीर हैं, हैं इसकी मिट्टी में जादू, इस मिट्टी जन्मे पुरुष महान हैं, अपनी वीरता का परचम लहराया, माँ के लिए न्यौछा read more >>
है बेबसी में लिपटी, मेरी ये जिंदगी है । आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।। ----------------------------------------------- ------------------------------------------------ अंधेरों read more >>
आंख है प्यारी मानों चंदा भी शरमाये वो पलक झपके तो लोग डगर भूल जाये, होंठ है मोंटे, मुस्कान हैं प्यारी वो जब मुस्कुराये मानों,फूलो की ब� read more >>
ऐ जीवन के थके मुसाफिर, बढ़ चल मंजिल अब दूर नहीं । कर्म करे फल ना पाये, ये प्रकृति का दस्तूर नहीं ॥ ------------------------------------------------------------------------------------- read more >>
ऐ जीवन के थके मुसाफिर, बढ़ चल मंजिल अब दूर नहीं । कर्म करे फल ना पाये, ये प्रकृति का दस्तूर नहीं ॥ ---------------------------------------------- read more >>
गढ़ की मान बचावन की खातिर, सिर कटा लेगा देश को वीर, अंगारों पर भी हसते हसते चल लेगा, मारे गढ़ री तो एक ही शान | मुछ नहीं रखी मर्द कैसा, यह � read more >>
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