ये वो कमरा है
ये वो कमरा है जहां मैं अपना पूरा दिन गुजारता था।
इस जगह ने मेरी हसीं देखी, तो मेरा रोना भी मेरी ख़ामोशी देखी है। तो मेरा बे� read more >>
एक वक्त था।
न चिंता थी,न गम था,
एक घर था, एक परिवार था।
जीवन का न ज्ञान था,
एक आंगन ही पूरा संसार था।
मां पिता का हाथ ही, भगवानों का साथ था� read more >>
है कौन जानती है ,
किस घर जाएगी, वो एक दिन ।
बाबुल के आंगन से निकल,
सासरे का वंश बढ़ाएगी एक दिन ।
आई वो घड़ी जब उसका विवाह हुआ,
पत्नी बन पति read more >>
आ ही गया वो दिन,
जब तुम दौड़ने लगे हो ।
पांव ठीक हो गए है,
अब तुम खेलने लगे हो ।
खुश होता है ये दिल,
जब तुम खिलखिलाते हो ।
याद करके उस दिन क� read more >>