नमस्ते दोस्तों
आज फिर एक बार इंसानियत शर्मसार हुई .....!
नारी की अस्मिता तार- तार हुई ...!!
चीखें उसकी खामोश हुई...!
खुद को बचाने की हर कोशिश � read more >>
मिले न जीवन इस तरह कभी
जो सोच से शुरू और चिंता पे खत्म हो,
किसी को मनाने में ही
सारी उम्र यूं जख्म हो,
हरपल मन उदास और न आंखें यूं नम हो
न read more >>
मन तड़प जाता है यह सोच करकी,
जमाना किधर जा रहा है |
गैरों की क्या बात करें अपने भी, नहीं पहचाने जा रहे है ||
दिल मे बेवसी,
खामोशी चेहरे पर ब� read more >>
प्यारा देश बनाया जिसने,
पल भर में यूहँ छूट गया,
आंखों के सपनों का मंजर,
पलक झपकते टूट गया,
हिफाज़त की थी जिसने देश की,
उसका पल भर में देश स� read more >>