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नमस्ते दोस्तों आज फिर एक बार इंसानियत शर्मसार हुई .....! नारी की अस्मिता तार- तार हुई ...!! चीखें उसकी खामोश हुई...! खुद को बचाने की हर कोशिश � read more >>
फारसी दिसण्यात सुंदर नाही, नाहीच तिच्यात तसले काही. फक्त वाहत्या नदीचे पाणी, नि खळखळ आवाज कानी. वर्णन तिचे असेच काही, फुलांचा सुगंध � read more >>
यह अनुभवियों का कहना, सबसे भला कभी नहीं रहना। सबसे भले के चक्कर में, खुद का भला जाते भूल। सबसे भले रहने वाले के, पीछे उड़ती राख- धूल। read more >>
शीर्षक ____कृतज्ञता देश के लिए जो मर मिटे! उन वीर शहीदों की ! कुछ बात होनी चाहिए ! जो अभी तक न सुनी ! कुछ ऐसी आवाज होनी चाहिए। दुश्मनों � read more >>
मौसम ने ली अंगड़ाई, देखो वर्षा ऋतु आई। उमड़ घुमड़कर बादल छाए, बोले मोर पपीहा। जानें किसको, किसकी याद सताई, चलने लगी पुरवैया। बूंद � read more >>
मिले न जीवन इस तरह कभी जो सोच से शुरू और चिंता पे खत्म हो, किसी को मनाने में ही सारी उम्र यूं जख्म हो, हरपल मन उदास और न आंखें यूं नम हो न read more >>
ग़र मेरा प्यार है तुम्हारे गमों का कारण। मेरे अपनेपन से पहुंचता है तुम्हें असीम दुखः। मेरी ये बेबस आँखे ले आती है तुम्हारे आखों में � read more >>
मैं ये कर देता, वो कर देता, है सफेद झूठ। पीना पड़ेगा कड़वा, पर सच्चा घूंट। अवसर, मौके़, सुविधाओं का, रोना झूठ- मूठ। दीवार को ही पुल बना� read more >>
यहां रिश्ता भी अमीरी गरीबी से है निभाया जाता है दुःख सुख भी उसी से बताया जाता है कितना अच्छा है वो मेरा प्यारा लोगो को हर बार दिखाया जा� read more >>
मन तड़प जाता है यह सोच करकी, जमाना किधर जा रहा है | गैरों की क्या बात करें अपने भी, नहीं पहचाने जा रहे है || दिल मे बेवसी, खामोशी चेहरे पर ब� read more >>
प्यारा देश बनाया जिसने, पल भर में यूहँ छूट गया, आंखों के सपनों का मंजर, पलक झपकते टूट गया, हिफाज़त की थी जिसने देश की, उसका पल भर में देश स� read more >>
वर्षा बरस रही है झम-झम बिजली चमक रही है चम-चम बादल घुमड़-घुमड़ कर आए सावन का एहसास दिलाए टर-टर-टर, मेढ़क टर्राए इधर-उधर फुदकता जाए झिं read more >>
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