जीवन की ये सच्चाईयां ।
हमेशा कुछ ना कुछ कह जाती है।।
अक्सर,हर बात वो अधूरी रहती है ।
क्यों............?
जीवन की इस डोर में अब रिश्तों के
धागे ब� read more >>
उस दिन,
यही सोच के मैं ना खुश था।
आखिर अर्थ क्या है ?
इस मेरी मेहनत का
ये ...... क्यों......??
कदम मेरे थका देती है ।।
अगर ,सबकी तकदीरें कलम
खुदा � read more >>