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आत्मज्ञान कर्म श्रेष्ठ-जिससे जीव भवनिधि के पार
आत्मज्ञान कर्म- श्रेष्ठ जानो हे भाई, जिससे जीव- भवनिधि पार होता भाई,, सद्गुरु बिन जग- में आत्मज्ञान मिले न भाई, राम-कृष्ण सम- बिन गुर
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जरूरतें-अब हमारी जरूरतें बढ़ गई हैं
"जरूरतें" "अब हमारी जरूरतें बढ़ गई हैं,इसलिए दौलत की गिरेबान खींचने की ताकत बढ़ गई है,अब शौक ऊंचे-ऊंचे पालेंगे,जमीन पर खड़े होकर आसमान क�
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चित् चेतन सब चेतन- बिन आत्मतत्व सब शून्य
चित् -चेतन सब चेतन, चित्-ए-शून्य बिन चेतन,, मन-बुद्धि-विवेक सब शून्य, बिन आत्म तत्व सब शून्य....!!!! -मोती
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उस सृजनात्मक शक्ति की ओर संकेत है- जिसके आधार खंड-ए-ब्रह्मांड खड़ा है
उस सृजनात्मक- शक्ति की ओर संकेत है, जिसके आधार- खंड-ए-ब्रह्मांड खड़ा है,, और यह जीव- जीवन परमाणु में रची-रमी है, यह सचखंड- यही से अनवरत
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कितने सवाल-तुम न जाने कितने सवाल करते हो
तुम न जाने कितने सवाल करते हो। हे जवाब सबके क्यों खुद को इतना बेताब करते हो। कहाँ से लाते हो सारे सवाल पर सारे सवाल तुम लाजवाब करते ह�
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दर्द को मात-दर्द भले कितना भी हो
आज थोडी पी है कल ज्यादा पीयेगे हम। दर्द भले कितना भी हो आज दर्द को मात देगे हम।
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दर्द-ना हो आराम थोडा दर्द का भी मजा लें
खवाब है तेरे तु उनको सजालें जिन्दगी जैसी भी तु उसका मजा लें। मर्ज हे कुछ भी तु उसकी दवा लें ना हो आराम, थोडा दर्द का भी मजा लें।
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बरकरार जग ना कोई जीव बारकरार- आखिरत की सजेगी ए-डोली सबकी
मेरी यह भूल- कि मैं रहूंगा बरकरार, बरकरार जग- ना कोई जीव बरकरार,, सोचा था- सजेगी बारात दूल्हा बनूंगा, पर आख़िरत- की सजेगी ए-डोली सबकी.
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अपने अंदर स्थित ऊर्जा शक्ति को जानना-इससे बढ़कर तत्व नहीं जग में जनने योग्य
अपने अंदर स्थित- ऊर्जा शक्ति को जानना, इससे बढ़कर तत्व- नहीं जगत में जानना,, आत्मा-जग-प्रेरक- ईश को जान मनुष्य, सब कुछ जान लेता है, जी
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शब्द जाने विवेकी वह बिरला- सो ही साधु
"शब्द- ख़ुद के सुनता साधु" "शब्द- साधे सो ही साधु" "शब्द- जाने विवेकी वह बिरला" "शब्द- सो ही पावन नाम"...!!!! -मोती
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संसार के समस्त धर्मों का सार तत्व-असल में ईश्वर साक्षात्कार ही है
धर्म के- भाव में वास्तविक तत्व, मानव- स्वरूप के वास्तविक तत्व,, संसार के- समस्त धर्मों का सार तत्व, असल में- ईश साक्षात्कार ही है....!!!!
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झुकी झुकी तेरी पलके
तेरी झुकी झुकी ये निगाहे, मेरे दिल का चैन ले गई। तेरी मुस्कुराहट ने जीना हराम कर दी, कैसे दिल को सभालु मेरी जान तू ने तो मुझे पागल कर दी।
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