अरे बेवकूफ़ नाम तो उन गिदडो का भी हुआ करता था शेर के जंगल छोङ के चले जाने से बस्ती मे अरे बेवक़ूफ़ नाम तो उन गिदडो का भी हुआ करता था शेर क� read more >>
नया सा शहर है,
नए से लोग,
कुछ लोग यहाँ भी कहते है
पर मुस्कान अभी भी वही है!
मंजिल वही है,
पर राह अलग है!
हां, नया सा शहर है
आसमा वही है,पर उड read more >>
बातो से तेरी ,खुद से मिल पाई हूं!
खुद की लड़ाई खुद से जीत पाई हूं
अंधेरे को गले लगा पाई हूं,
ख़ुद की बेबशी से निकल पाई हूं!
खुल कर मुस्कु� read more >>
बातो से तेरी ,खुद से मिल पाई हूं!
खुद की लड़ाई खुद से जीत पाई हूं
अंधेरे को गले लगा पाई हूं,
ख़ुद की बेबशी से निकल पाई हूं!
खुल कर मुस्कु� read more >>
इक तलप लगी है तेरी, उसे बुझाऊ कैसे
इस बन्झर जमी पे, हरियाली लाऊ कैसे
सौ अरमानो को दबाकर, इक ख्वाईस् की है
उस दिलके ख्यालों को, हकीकत मे ब� read more >>