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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मैं मोहब्बत करके आबाद नही हुआ हूं।बल्कि अपनी ही जिंदगी को बर्बाद करने के लिए रातों की नींद को उसे के पास गिरवी रख दी है।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब उसे समझदार कहूं या बे बकूफ की जो जन्नत देने के लिए आजान देकर बुलाई जाति है फिर भी उसके तरफ कोई नही लौटता है।लेकिन अगर ऐलान कर दो की
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
आजान होती रहती है किसी को कुछ फर्क नही पड़ता है किस लिए बोलाई जा रही है।लेकिन अगर जन्नत बांटने के लिए ऐलान करा दी जाए तो सबसे पहले लाइ�
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
देख मेरी बहना तेरी इज्जत ही तेरी जिस्मों का गहना है।उसे मोहब्बत करके एक गैर के लिए उस पे दाग मत लगाओ।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
झूठ बोलकर भले ही तुम राजा बन गए हो लेकिन जन्नत सिर्फ फकीरों को ही मिलेगा झुठठों को नही।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
नमाज नही पढ़ेंगे लेकिन प्रेरणा देंगे जन्नत में जाने की और कैरेक्टर बनाए हुए है फिरौन के जैसा।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
प्यार सिर्फ सुनने में ही अच्छा लगता है होने पर लोगों को हजम नही होती।
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Writer by Iqrar Ali,मोहब्बत शायरी दिल तोड़
मुझे गरीब मत समझो शाहब तुम्हारे जैदात से बड़ा मेरी सपने है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
बहुत अजीब विडंबना है यहां लोग जनाजे को कांधे पर उठाए फिरते है।लेकिन जो जिंदा है उसकी कब्र खोदने में लगे हुए है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
तुम अपने अम्ल पर ही ध्यान दो शाहब तुम्हारी अम्ल तुम्हें ही जन्नत में ले जायेगी लोगों को नहीं।क्योंकि तुम खुदा नहीं जो सर्टिफिकेट ब�
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
बहुत भोले लोग है यहां मोहब्बत चेहरे देख कर लेते है।लेकिन वफा लोगों में ढूंढते है जिसे अपने अंदर ही ठूंस रखे है।
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Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जब जरूरत आ जाए तो मोहब्बत भी बढ़ जाती है लोगों की।लेकिन अगर जरूरत न हो तो मोहब्बत निकाल कर बुराई ढूंढते फिरते है।
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