नदी जब समंदर में मिलेगी तो खारी हो जाएगी,
चाँद जब जमीन पे उतरेगा तो दाग हो जाएगा,
तुम छुपकर घर में रहते हो,
अच्छा है उसी में रहा करो,
जब � read more >>
ये रूठना , ये मनाना, अब रहने दो.....
तुम सही , मैं गलत.....
जो भी हैं अब रहने दो.....!!!
अब तो अच्छा है आंखों का बंजर हो जाना....
होठों पर सजी ख़ामोशी,अब read more >>
हमने भी देखे अपने हजार है
अपने के भेष में छिपे सारे गद्दार हैं....
देखकर मुश्किल हैं ये कह पाना......
कौन कितने वफ़दार है......
चेहरे पे लगे चेह� read more >>
की मेरी ख़ता बताएं कोई .....
जो दर्द मिली उसकी दवा बताएं कोई ...
मैंने जैसी ज़िंदगी गुजारी उनके साथ, उनको तो शुक्रिया करना चाहिए था ना...???
ये � read more >>
सब कुछ आजमाकर , बैठ गई मै हारकर..
खुशियाँ किनार कर , उदासी में आकर..
भूल गई खुद को ही इश्क का करोबार कर..
ले ली मायूसी , मुस्कुराहट उधार कर ....
� read more >>
अंत नहीं यह एक नई शुरुआत है,
अनादि से यही अंत का रिवाज है।
बेशक एक राह का अंत हुआ है,
पर आगे राह अनंत है अथाह है।
जैसे सागर में धारा का न� read more >>