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अलविदा दोस्त ऐ दोस्त क्या बताऊ में तुझे जो तू था वो अब तू रहा नहीं, जो तू हे वो मुझे मंजूर नहीं, जो तो था वो तू अब दुबारा बन नहीं सकता, जो � read more >>
चलते-चलते ख़्याल आया- जीवन को बाहर नहीं अंदर खोजना चलते-चलते ख़्याल आया- यह सफ़र रूहानी है अंदर खोजना एक सांस अंदर- एक सांस बाहर आन� read more >>
बिना एक पल तेरेभी,खालीपन सा लगता है मेरे अब वक्त भी बेवक्त सा लगता है read more >>
हम दोनों नदियां के तीरे, मध्य हमारे अविरल धारा। अलग - अलग अपनी दुनिया पर, अनाद्यनंत रहे साथ हमारा।। -दिनेश कुमार कीर read more >>
चलते-चलते- यूं ही ख़्याल आया, ये जीवन ये धरती ये आसमान चलती यह- किसकी शक्ति चले-चले, ये जीवन ये धरती ये आसमान चलती ये मौसम- ये बहारें य read more >>
यूं ही बैठा सोच- रहा था क्या कुछ लिखूं यूं ही ख़्याल- आया तुम्हारा प्रेम लिखूं दिल दरिया में चलती- ए-लहर की दास्तां लिखूं गुनगुनात� read more >>
"मैं डरता हूँ उनसे, जो चुप रहते है, बिना कुछ कहे, बहुत कुछ कह जाते है, सीमा शब्दों की होती है, मौन असीम होता है..." -दिनेश कुमार कीर read more >>
"दिल की हसरत ज़ुबान पर आने लगी, तूने देखा और ज़िंदगी मुस्कुराने लगी, ये इश्क़ की इंतेहा थी या दीवानगी मेरी, हर सूरत मे सूरत तेरी नज़र आ� read more >>
एक दिन मैं एक गली से गुज़रा , एक चौखट पर लिखा था। थोड़ा तकल्लुफ़ कीजिएगा जनाब, अपने कदमों की आहट को थोड़ा ख़ामोश रखिएगा। अन्दर ख़ामोशी तन्हा� read more >>
जिस्म की दुनिया अक्सर वहा मायने नहीं रखना जहां मन जुड़े हो, और जो रिश्ते मजबूरी के नीव पर बंधे जाते हो वहां लाख कोशिशें के बाद भी मन नही� read more >>
जिंदगी की कसमकस मे ऐसे उलझे हैं, सभी की चेहरे पर झूठी अदाकारी के मुस्कान लिए कर रहे हैं। read more >>
सागर से गहरा, अनंत-ए-बसेरा, दिल-ए-राज़ जान ले सत् नाम जान ले।। -मोती read more >>
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