मोती लाल साहु 01 Dec 2023 शायरी अन्य ये जग में आना और जाना यूं ही गुज़र जान है 31528 0 Hindi :: हिंदी
यूंहीं- सोचा करता हूं ये, वक्त क्यों गुज़र जाते हैं जगत में- क्यों आते वक्त के, साथ क्यों गुज़र जाते हैं यूंहीं- जीवन क्यों ख़्वाहिशों ही, ख़्वाहिशों में गुज़र जाते हैं ये जग में आना और- जाना यूं ही गुज़र जाना है -मोती