Pratibha Khadekar 22 Nov 2024 गीत दुःखद प्रतिभा खडेकार 40083 0 Hindi :: हिंदी
,,,,,,,,हाय,,, इश्क ने किया था जोर तुम्हीं में छुपा था चोर
,,,,,,,, इश्क ने किया था जोर तुम्हीं में छुपा था चोर
,,,,,हर बात में छुपा था झुठ...
हर झूठ में छुपा था चोर
,,,,,,,,हर बात में छुपा था झुठ
हर झूठ में छुपा था चोर
,,,,,, हाय इश्क ने किया था जोर तुम्हीं में छुपा था चोर
,,,,, इश्क ने किया था जोर तुम्हीं में छुपा था चोर
,,,,,,,हमनें खींचा रिश्तो को पनपने नहीं दिया
,,,,,,,,, हमनें खींचा रिश्तो को पनपने नहीं दिया
,,, हमको मिला हर दिन सुखा कुआं आपने जल भरने नहीं दिया
,,,,,,,,,,हाय इश्क ने किया था जोर तुम्हीं में छुपा था चोर
,,,,,,, इश्क ने किया था जोर तुम्हीं में छुपा था चोर
,,,,,,,,,हमको हालात ने नहीं आपकी बेवफाई ने मारा
हमको हालात ने नहीं आपकी बेवफाई ने मारा
,,,,,,कत्ल करते किसका जहां अपनों की बेहयाई ने मारा
,,,,,, हाय इश्क ने किया था जोर तुम्हीं में छुपा था चोर
,,, इश्क ने किया था जोर तुम्हीं में छुपा था चोर
हाय,,,, क्या दुआ दे तुम्हें...
,,,,, क्या दुआ दे तुम्हें
,,,,,,,,, दिल से बद्दुआ भी न निकले तुम्हारे लिए
,,,,,,,,,, लगे हाय तुम्हारी हम मर जाएं
,,,,,,,,, मर कर सारी दुनिया का गम खत्म हो जाए
,,,,,, हाय इश्क ने किया था जोर तुम्हीं में छुपा था चोर
,,,,,,, इश्क ने किया था जोर तुम्हीं में छुपा था चोर
,,,,,,,कुछ दर्द ज़हन में पलते हैं कुछ सीने में
,,,,,, कुछ टूट कर बिखर जाए फूल है न शिसा
,,,,,, आवाज है न बिखर ने का कोई सुराग
,,,,,,,,,,,,,,,,,हर बात में छुपा था झुठ
,,,,,हर झूठ में छुपा था चोर
,,,,, हाय इश्क ने किया था जोर तुम्हीं में छुपा था चोर
,,,,,,,,,,,, तुम्हीं में छुपा था चोर
प्रतिभा खडेकार