संदीप कुमार सिंह 26 May 2023 गीत समाजिक मेरा यह गीत समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 12951 0 Hindi :: हिंदी
सूर्य उत्तरायण हुए,रुचिकर हुआ उजास। पर्व मकर संक्रांति का,भव्य बहुत ही खास।। सूर्य उत्तरायण हुए,देंगें सबको लाभ। होगा दिव्य विकास अब,दिखे सभी अमिताभ। सूर्य उत्तरायण हुए,अद्भुत पड़े प्रभाव। दुष्ट भाव अब दूर हो,होगा मीठा चाव।। सूर्य उत्तरायण हुए,अति शुभ है संकेत। अनुचित चिन्तन त्याग दें,उत्तम होगा चेत।। सूर्य उत्तरायण हुए,लाए संग वसंत। खुशी जीव प्रत्येक में,होगा कभी न अंत।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा) बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....