Rudra 30 Mar 2023 कहानियाँ धार्मिक Google 47737 0 Hindi :: हिंदी
बिहार राज्य के कायस्थ जाती श्री चित्रगुप्त जी के वंशज अस्थाना कायस्थ कि कुलदेवी के नाम कुलदेवी बन्नी माता और दुर्गा माता है। बन्नी माता स्वयं महाकाली हे। इसलिए इनको बन्नी महाकाली भी कहते हैं। कई जगह लोग इनको बन्नी,परमेश्वरी या बन्नी सती भी कहते हैं। कुलदेवी के साथ कुलभैरव कि पूजा होती हैं। कुल भैरव के रूप में कोई भी एक देवता हो सकते है। जरूरी नहीं कि कुलभैरव में सिर्फ भैरव ही हो। अलग अलग कुल में कुल भैरव के पद पर अलग अलग देवता होते है। कुलदेवी को प्रसाद के रूप में गुड़ वाली खीर ओर दाल वाली पूड़ी चढ़ाया जाता है। ओर कुलभैरव को खीर ओर रोट कि लड्डू प्रसाद का भोग लगाया जाता है। प्रसाद चढ़ाने की संख्या पांच 5 जोड़ी से लेकर 7 सात जोड़ी या 14 चौदह जोड़ी या 16 सोलह जोड़ी या उससे अधिक 21 इकीस जोड़ी तक के बिच में प्रसाद चढ़ाया जाता है।