संदीप कुमार सिंह 25 Jun 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता "आई बरसात "बरसात का वर्णन करती हुई सामाजिक खुशियों को दर्शाती हुई प्यार-मोहब्बत को उजागर करती हुई समाज में भक्ति-भाव को बढ़ाती हुई है .जो आप के दिलों को छू जाएगी. 301 0 Hindi :: हिंदी
आई बरसात बहुत ही सुंदर अंदाज में l मौसम को कर सुहाना गीत गाई साज में l इंतजार था सबको गरमी कब दूर होगी _ एक खुशी आई है अब सबकी आवाज में ll धरती नरम हुई है लगेंगे खेत में धान l किसान का बढ़ जायेगा अब थोड़ा सा मान l मेहनत से खेत अब भव्य हरा-भरा होगा = फसल जब घर आएगा तो बढ़ेगी तब शान ll बरसात की बूंद तो ले के आई है बहार l रौनक में दिखेगा नव्य सा समस्त बाजार l सारे जीव को अब तो सुखद राहत मिलेगी= इस मौसम में जगेगा हृदय में खुलकर प्यार ll सावन भी आयेंगे लिए प्यार का सौगात l फूलों सा गमकेगी रोज ही सुहानी रात l प्रिया मेहँदी लगाएगी पिया के प्यार को- हसकर करेंगे लोग स्नेह से प्यार की बात ll भक्ति- भाव भी करेंगे लोग हृदय से खुलकर l भोले जी पर दूध चढ़ायेंगे भक्त जमकर l महादेव की महिमा तो दुनिया जानती है= कांवर भी भक्त लेके आयेंगे दर डटकर ll बरसात आई है इस बार थोड़ा देर से l बरसेगी मगर धरा पर बहुत ही दिलेर से l पानी से भर देगी खुशी से सभी झील को- सुंदर पक्षियाँ भाग जाएगी मुंडेर से ll (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....