Dharmpal Saroj 12 Aug 2026 कविताएँ देश-प्रेम Desh ki Mati ka naam Kavita, Desh Prem ke liye bahut hi acchi Kavita 914 0 Hindi :: हिंदी
माटी का मान इस माटी की खुशबू में,मेरे सपनों का संसार है,भारत मेरी पहचान है,भारत ही मेरा प्यार है। गंगा की निर्मल धारा बोले,हिमगिरि रखता देश की शान,खेतों में जब लहराए फसलें,मुस्काता है हिंदुस्तान। गाँव की पगडंडी से लेकर,शहरों की ऊँची उड़ान तक,हर दिल में एक धड़कन बसती,भारत माँ के सम्मान तक। कोई मंदिर में दीप जलाए,कोई मस्जिद में दुआ करे,कोई गुरुद्वारे शीश झुकाए,कोई चर्च में प्रार्थना करे।राहें भले ही अलग-अलग हों,मंजिल सबकी एक रहे,भेदभाव की दीवारें टूटें,दिल में भारत नेक रहे। सीमा पर जो वीर खड़े हैं,उनको मेरा बारंबार प्रणाम,उनके साहस के कारण ही तो,सुरक्षित है अपना हिंदुस्तान। किसान खेत में मेहनत करता,श्रमिक बनाता नई इमारत,बच्चे पढ़कर आगे बढ़ते,युवा लिखते नई इबारत। हम सब मिलकर ऐसी धरती,आने वाली पीढ़ी को दें,जहाँ तिरंगा ऊँचा लहराए,और हर बच्चे को सपने दें। मुझे न सोने का सिंहासन,न दुनिया की दौलत चाहिए,बस इतना वरदान मिले माँ,तेरी सेवा का अवसर चाहिए। जब तक साँसें चलती रहेंगी,तेरा गुणगान करेंगे हम,भारत माँ की पावन माटी,तेरा सदा सम्मान करेंगे हम।