Kalindri Pal 11 Aug 2026 कविताएँ बाल-साहित्य सावन आया बादल छाए 678 0 Hindi :: हिंदी
सावन आया बादल छाए, धरती पर खुशहाली लाये / हरियाली की चादर ओढे, पौधों ने अब ली अंगड़ाई / बागों में अब झूले पड़ गए, खेतों में अब मोर नाचे / किसानों की खुशियाँ आई, खेतों में हरियाली छाई / रिमझिम बारिश की बूँदों से, दुनिया में खुशहाली छाई /
Myself kalindri pal I live in Ghaziabad (new delhi) 🙏😍🥰...