Abhishek kumar 19 Aug 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत दिल को छू जानेवाली कविताओ का संग्रह 1552 0 Hindi :: हिंदी
लालटेन की धीमी लौ मे जब अपनी डायरी लिखता हू तेरी मेरी खुशनुमा यादे इन पन्नो मे उभर आती है। मानो बरसो बंजर पड़े पड़े रेगिस्तां मे झमझम करती फुहारे बरस आती है। वो तेरा,मेरा कालर खीचना,और मेरा तेरे उपर गिर जाना। खुबसूरत लगती है और भी लड़किया,जब बहक जाती है। वो तेरा मेरे कानो मे हल्के से कुछ कहना, उसे सुनके मर्द हू पर शर्म मुझे आ जाती है। फिर हक़ से और कुछ बहक के, मेरे बालो को पकड़कर तू अपने मुलायम होठो से मेरे होठो को चूम जाती है। तेरी मेरी जोरा जोरी मे,तेरी बालो की क्लिप और मेरे,कुर्ते की बटन टुट जाती है। बारिश की बुंदे तेरे बदन से फिसलकर मेरे होठो की प्यास बुझाती है। मुझे बाजुओ मे कसकर जब तू आहे भरके मेरे सिर को अपने छाती से सटाती है। हाय ये अदायें किसी दिन मार डालेगी पर ऐसी हसीं मौत,भला किसके नसीब मे आती है। लालटेन की धीमी लौ मे,जब अपनी डायरी लिखता हू।