Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

नारी पर अत्याचार

Laxmi Kumari 14 Aug 2026 कविताएँ समाजिक नारी पर अत्याचार 661 0 Hindi :: हिंदी

तेजी से बदलते इस दुनिया मे,
हमारा क्या कोई मान नहीं।
प्रतिदिन होता हमारा अपमान,
क्या हम कोई इंसान नहीं।।

कभी डायन, कभी चुड़ैल कहकर,
करते हमे बेइज्जत और अपमानित।
पाकर कभी अकेला हमें 
करते संग अशोभनीय वार्तवित।।

कुदरत ने जो दिया रूप - रंग,
क्या, उसमें हमारा दोष है।
क्या कहकर उन्होंने यह ही भेजा,
की जा अब से पुरुष ही तेरा बॉस हैं।।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: