Hemlata pandey 11 Mar 2024 कविताएँ दुःखद औरतों के ऊपर कविता .औरतों के चरित्र पर कविता.औरतों पर अत्याचार 62649 2 5 Hindi :: हिंदी
आंधी सा आया वो दिन, जब बारिश गिराई रात को, ना जाने कहाँ से आये वो, हमारी बेदर्दी को दर्द देने। साये में छिपा हुआ दरिंदा, निगाहों में बसी नफरत की बेदियाँ, सुनी थी हमने धड़कनें, पर न थी जानकारी, कैसे टूटे अरमान। उसने छिन लिया था हमसे सब कुछ, हमारी आत्मा तक को, काट दी थी उसने हमारी नींद की रातों को, और चीरा था जीवन की किताब का हर पन्ना। पर अब नहीं रुकेंगे हम, न जानेंगे डर, न मानेंगे हार, हमें लड़ना है, सच्चाई के लिए, और महिलाओं के ऊपर शोषण को खत्म करने के लिए.
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