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पहचान औरत की

Komal Kumari 27 Mar 2025 कविताएँ समाजिक 22748 0 Hindi :: हिंदी

दुनिया की पहचान है औरत 
कभी बहन, कभी बेटी की मूरत है औरत 
पत्नी और मां बनकर घर-घर की शान है औरत
सरस्वती का रूप है नारी 
लक्ष्मी का स्वरूप है नारी 
बढ़ जाए अत्याचार 
काली दुर्गा के अनुरूप है नारी 
अपना वजूद भूल कर 
हर किरदार निभाती हैं 
यह वह देवी है जो 
दुनिया में अपना नाम रोशन करती हैं।

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