Aaditya singh 12 Sep 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी जिंदगी तू 3412 0 Hindi :: हिंदी
कल रात एक झलक तुमको सपने मे देखा उस सपने मे तुम मुस्कुरा रही थी मुझसे आँख मिलते ही तुम दूर खरी मुस्कुरा रही थी फिर देखा मै इधर-उधर कही भी मुझको नजर नहीं आई हमसे छिपकर बहुत खुशी मना रही थीं हार कभी न मानूंगा मै भी चाहे मुझसे जितने भी छिपले साल भर के बाद आई तुम्हारी याद तुम मुझे रिझा रही थी सवाल जब मै तुमसे पूँछे क्यो मुझे तुम सता रही हैं हम दोनो क्यो एक दूसरे को मै उसे और वो मुझे समझा रही थी थोरा देर वह फिर रुककर बोली ये जिंदगी का खेल हैं इसलिए मै तुमको परेशान कर रही थी मैने पूँछा...क्यो दर्द दिया मोहब्बत तूमने तब वह हंसकर बोली तू मेरी जिंदगी है तुम्हे तो हसना सिखा रही थि।