दिन बदलते हैं ,साल‌ भी बदल
जाते हैं, हर वक्त एक सा नहीं रहता,
यहां लोग बदल जाते हैं,
खुद के भरोसे ही नाव चलाना,
यहां मांझी ही पलट जाते है� read more >>
//... कैसे हो भैया ...//
क्या पुराना और
क्या नया है भैया...?
वैसे , ऐसे और
कैसे हो भैया...?
वही देते ,
वही बटोरतें...!
वही चोर हैं और
वही लुटेरे...!
क� read more >>
आज पता चला तू ने क्यों ठुकराया ------💐
हम नहीं थे तेरे काबिल औकात में -----2
रंग - मंच में किरदार निभाते गयेंं -------💐
लूटाते गयें तेरे कदमों तले � read more >>
न जीवन- शिकवा, न रोता धोता।
काश, मैं पक्षी होता।
पर फैलाता, अनंत नील गगन में।
परवान चढ़, आसमां नापता खुली पवन में।
लहराता, इठलाता, हवा मे� read more >>