मत करो नारी पर जुल्म, स्वतंत्रता नारी का अधिकार ।
शायद ये सब भूल गए, है नारी से संसार।
इक रूप में नारी है माता, इक रूप में नारी धनदाता।
इ� read more >>
सांस की उलझी डोर है, मन भी हारा हुआ है;
होगा यही परिणाम अगर तो फिर अपना शान क्या हो?
हे ईश्वर! दे वो शक्ति-की ये जग वरदान सा हो।
अपने-अपनो � read more >>
हम वो हैं, जो हमें हमारी सोच ने बनाया है। इसलिए, इस बात का ध्यान रखिए कि आप क्या सोचते हैं? शब्द गौण हैं। विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा read more >>
एक शकुन था, अब वो ना रहा
एक जनून था, अब वो ना रहा
हम जलते रहे चिराग की तरहा
हमारा रूतबा, अब वो ना रहा
इस चका-चोंद जिन्दगी मे
हमारा फलसफा, अ� read more >>