संसार की माया मिथ्या, झूठ का ना मोल ।
अब ग्यान पटल खोल माँ, ग्यान पटल खोल ।।
अवगुण भरे हैं इस तन में, अब गुण की भाषा बोल ।
अब ग्यान पटल खोल � read more >>
किस तरह वया करु अपने मन की दास्तां, कहीं देखूं दुनिया में बहुत अच्छे लोग हैं जो दूसरों की खुशी के लिए बहुत कुछ कर जाते हैं, कुछ
लोग अपनी � read more >>
सिर्फ़ तुम्हे देखता रहूं हर पल कोई और काम ना हो,
तुम्हारी आंखों से करूं नशा पीना कोई ज़ाम ना हो,
पागल" पागलों की तरह प्यार करता रहे तुम read more >>