कुछ सवाल - कुछ जवाब
न कोई कलम, न कोई किताब, रखता हूं
पल भर की जिंदगी है यह सोच
न कुछ लेने का, न कुछ देने का, हिसाब रखता हूं........
न अलीशान महलो� read more >>
ऐ जवानी जरा रुक तो
अभी तो तेरी आहट गूंजी ही है,
कहना तो बहुत कुछ है तुमसे
मन की बात मगर.....
अभी तू कहां राज़ी है।
ये इल्म तो था कि तू अभिम� read more >>
ढोल नगाड़े बज उठते है ,जब कुल दीपक घर आता है ,
वंश परंपरा की अगली पीढ़ी में,एक नया नंबर जुड़ जाता है |
बेटा ,माँ का दुलारा ,नैनों का तारा ,
भाई ,ब read more >>