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आशा आँसू पोंछती-देती है उत्साह निर्बल को करती सबल

संदीप कुमार सिंह 01 Feb 2024 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है. जिसे पढ़कर पाठक गण अवश्य लाभान्वित होंगे. 27642 0 Hindi :: हिंदी

आशा आँसू पोंछती,देती है उत्साह।
निर्बल को करती सबल, करे सरल नित राह।।

आशा आँसू पोंछती,भरती साहस खास।
नव्य भाव को यह जगा, सदा बुझाती प्यास।।

आशा आँसू पोंछती,रखें हृदय में आप।
हर संकट में साथ दे,अनुपम इनकी छाप।।

आशा आँसू पोंछती,खुशियाँ भरे अपार।
चलते चल राही सभी,जीवन हो गुलजार।।

आशा आँसू पोंछती,छोड़े कभी न साथ।
तन मन में दृढ़ ज्योत दे,यश भरती है हाथ।।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍🏼
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

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