Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
अलविदा दोस्त ऐ दोस्त क्या बताऊ में तुझे जो तू था वो अब तू रहा नहीं, जो तू हे वो मुझे मंजूर नहीं, जो तो था वो तू अब दुबारा बन नहीं सकता, जो � read more >>
प्रेम का स्थान रिक्त रखूंगी ना मांगूंगी कभी स्थान रुक्मणि का, ना हृदय में राधा बनकर रहूंगी, मै बनुगी तुम्हारे प्रेम में बस मीरा , सर� read more >>
मिलो की दूरी उपस्तिथि तुम्हारी सर्वस्व तो समर्पित कर दिया है प्रेम में अब इस नश्वर तन का क्या मोल भला प्रेम में तन का मिलन तो औपचारि read more >>
टीप :- वास्तविक मुद्द्यवर एक काल्पनिक नाट्य रुपी वाद विवाद अध्यक्ष = सुरुवात विपक्ष नेते 1 यांच्या पासून करू विपक्ष 1 (� read more >>
कितना सुन्दर है । ये लम्हाँ सासों मे मेरी ,महक के गुल खिले तेरी बाहों मे कितने साँवन चले । मुहोबत की रोहो मे दिवान जले। तेरी....... read more >>
भाव का भूखा  एक अमीर आदमी बहुत ही संकट में था । उसे लाखों - करोड़ों का नुकसान जो हुआ था, और सारी जीवन की कमाई डूबने के करीब थी ! जीवन की नाव � read more >>
चाहत ,ये मेरी झूठ बनी है। मुहोबत ,ये मैंरी झूठ बनी है। सरेआम, बदनाम हुई है। सरेआम चाहत मेरी.... आखो के आसू से , मेने दिल के पैगाम लखे ह read more >>
भले ही बस गये है रोटी के लिए शहर, गांव क्या है ये हम भूले नहीं है। बंद कोठरी में हम बेमन रहते यहाँ , घर का खुला आँगन हम भूले नहीं है। read more >>
प्रभात गीत रैना बीती भोर हुआ फिर अलसाये क्यों सोते हो इतना सुंदर सुबह सवेरा सो सो कर क्यों खोते हो। जीवन की यह डगर दूर है चलना अभी read more >>
चलते-चलते ख़्याल आया- जीवन को बाहर नहीं अंदर खोजना चलते-चलते ख़्याल आया- यह सफ़र रूहानी है अंदर खोजना एक सांस अंदर- एक सांस बाहर आन� read more >>
बिना एक पल तेरेभी,खालीपन सा लगता है मेरे अब वक्त भी बेवक्त सा लगता है read more >>
आहों की सरगम कैसी है राहों की तड़पन कैसी है बिछुरी मुरली की धुन सुन कर यमुना की धड़कन कैसी है अब और सताओ ना यूंँ छोड़ के जाओ ना बाहों म� read more >>
Join Us: