Asim Qureshi 16 Apr 2024 शायरी दुःखद Tears 46470 0 Hindi :: हिंदी
किसे मानु में अपना यहां सच्चा प्यार किसी से कोई करता नहीं, पैसे वाला है दोस्त यहां, गरीब की कीमत कोई नहीं, सब समझते हैं अपने को सही, क्योंकि हक-हलाल, जाईज-नजाइज की कीमत कोई नहीं, लोग यतिमों तक का हक छीन लेते हैं, क्योंकि उनके लिए बोलना वाला कोई नहीं, ताकत की नुमाईश करने वाले को समझा जाता है ताक़तवार, ताकत को छिपा कर, शराफत की जिंदगी जीने वाले कि कीमत कोई नहीं, जलते हे लोग कामयाबी से दूसरो की, क्योंकि यहां अपनेपन की कीमत कोई नहीं, गाली होती हे लबो पर और करते है पीट पीछे बुराइर्यां मौके की आड़ मे। रखते है दिलो में नफरतें, उठाते है उंगलीया दूसरो पर, किसे मानु में अपना यहां कोई दिल से मिलता नहीं, हर रिश्ता दुश्मनी सा लगता है क्योंकि बिना खुदगर्जी कोई रिश्ता रखता नहीं, कहा प्यार ढूंढू यहां लोगो को नफरत से फुरसत मिलती नहीं, नासमझ हूँ मैं जो प्यार भरा दिल रखता हूँ सीने में अपने, क्योंकि यहां तो लोग दिल तोड़ कर कहते हैं के अभी तो दिल भरा नहीं, यहाँ लोग खुद को जज भी समझते हैं और गवाह भी और कहते हैं हम इन्साफ करते हैं, हलांकि इन्साफ को पेरो तले रोंद कर लोग अपनी नफरतों के पैमाना बयान करते हैं, और फिर भी दिल में कसक बाकी रखते है के अभी तो दिल भरा नही। इस उम्मीद पर जिंदा हूं के कभी ना कभी तो प्यार भरा महोल आएगा, जहां लोग पैसा, रुतबा, शानो-शौकत या मतलब से नहीं सिर्फ प्यार से मिलेंगे, हक़-हलाल, जाइज-नजाइज, इन्साफ-नइन्साफ में फर्क समझेंगे, रिश्तों को बराबर की अहमियत देंगे और सबको एक जैसा समझेंगे, दिलो में प्यार और मोहब्बत लिये एक दूसरे के लिए दुआ करेंगे।
Writer | Islamic Lecturer | 5 World Records Holder | Travelled to London, Brighton, England (UK)....