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आंसू

Asim Qureshi 19 Apr 2024 शायरी दुःखद Tears 30396 0 Hindi :: हिंदी

इस कदर बह रहे थे हमारी आँखों से आंसू,
रोके न रुक रहे थे हमारी आँखों से आंसू,
जब वो किसी ओर कि होने जा रही थी, 
तो आंसूओं की मेहमानावाज़ी भी लाज़मी थी।

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