ललित दास निर्मोही 19 Aug 2026 शायरी दुःखद #आँसू #आंसू #पानी #बेवफाई_शायरी #प्यार #ललित_दास_निर्मोही 2642 0 Hindi :: हिंदी
अरे दिल के किसी कोने में आँसू है या पानी, ये कोई तो बताए मुझे! इस टूटते हुए रिश्ते में प्यार है या दिखावा, सच कोई तो समझाए मुझे! इस बेदर्द सी दुनिया में झूठ है या सही, कुछ भी नज़र नहीं आता! हर अपने के इस चेहरे पर दर्द है या दवा, कोई तो भेद बताए मुझे! तन्हाई की इन रातों में रात है या साया, साया सा डराता है! इस बेरंग सी महफ़िल में ज़िंदगी है या सज़ा, कोई तो बतलाए मुझे! वीरान इस बंजर दिल में मीत है या बेगाना, कोई नहीं अपना यहाँ! इस उजड़े हुए आशियाने में साँस है या धोखा, कोई तो समझाए मुझे!