Asim Qureshi 10 Jun 2024 शायरी दुःखद Tears 41274 0 Hindi :: हिंदी
एक बात अधुरी थी जो में तुझे बता न पाया, मुददत से इंतेजार में था, तुझे यह अधुरी बात बताने को, लेकिन में तुझे बता न पाया, हर पल तड़पता रहा तुझे बताने को, लेकिन में तुझे बता न पाया, तुने यह तो सुन लिया था के तु मुझे पसंद है, लेकिन यह अधुरी बात को, में मुकम्मल कभी कर न पाया, आज तुझे खोने के बाद, इस अधुरी बात को मुकम्मल कर रहा हूँ, तु मुझे सिर्फ पसंद ही नहीं, तु मेरी मोहब्बत भी थी, यह बात तुझे बता न पाया, यह बात अधुरी थी, उसे मुकम्मल कर न पाया।
Writer | Islamic Lecturer | 5 World Records Holder | Travelled to London, Brighton, England (UK)....