संदीप कुमार सिंह 10 Aug 2026 शायरी समाजिक मेरी यह शायरी आप के हौसला अफजाई के लिए है. 3934 0 Hindi :: हिंदी
मुक्तक अगर जलो कंदील सा,छू लो तुम आकाश l ज़िगर रखो फौलाद का, देते चलो प्रकाश l डरते तो कायर यहाँ, रखो लगन जब साथ_ करो फतह तब हर किला,नहीं कहोगे काश ll (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....