संदीप कुमार सिंह 27 Jun 2026 शायरी प्यार-महोब्बत मेरी यह चार पंक्ति की मुक्तक कविता प्यार-मोहब्बत पर आधारित है .आप लोग अवश्य पढ़ें काफी ज़िन्दगी जीने में सहायक होगी. 3728 0 Hindi :: हिंदी
देखा जो सूरत आपका हृदय मेरा सँभल गया। यह जानकर दीवाने सभी भी अब खूब जल गया। आँखों का कसूर था दिल ने यह किया है स्वीकार_ तेरे करम से मेरा अब संसार ही बदल गया।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....