Pradeep Kumar Maurya 30 Mar 2023 शायरी समाजिक 66690 0 Hindi :: हिंदी
देश के उन्नति खतिर, ऐ लोग कुछ नहीं करते हैं. बस कुर्सी पाके , अपनी ही झोली भरते हैं..|
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हम खुशी नहीं गम चाहते हैं खुशी उन्हें �...