MD SHAYEED ALAM 15 May 2026 शायरी समाजिक शायरी 7791 0 Hindi :: हिंदी
हर किसी के पास मुकम्मल जहां नहीं होता, जो है मेरे पास वही बहुत है। सबके पास सब कुछ नहीं होता। खुश हूं मैं, मेरे पास कुछ तो है। कितनों के पास तो यार, कुछ भी नहीं होता।।
Login to post a comment!
Indian Army...