सुजीत कुमार झा 30 Mar 2023 शायरी अन्य Google 45631 0 Hindi :: हिंदी
किउ आज मैं फिर उसी राह को चुन लिया है, जाने जग मुझे जीस राह पे जाने से रोकता रहता था ।पता तो मुझे कल भी नहीं था पता तो आज भी नही है।।
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