संदीप कुमार सिंह 10 Aug 2026 शायरी देश-प्रेम मेरी यह शायरी सरकार की ताजा स्थिति को बयां करती है. 2891 0 Hindi :: हिंदी
खोई यह सरकार है ,खोई मन की लाज। हैरत में अब सांस है,बदतर है अब आज। मर्यादा लज्जित हुई,सीमा है लाचार-- अगर रहे यह हाल तो,बिक जायेगा ताज ll (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह (Author)
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....